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Vedanta Group Stocks: वेदांता पावर 11%, वेदांता ऑयल एंड गैस 7% चढ़ा और तीसरा शेयर अपर सर्किट पर लॉक

Vedanta Group Stocks: 14 अक्टूबर की सुबह वेदांता ग्रुप की चार अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली. Vedanta Power का शेयर 30.27 रुपये के पिछले बंद भाव से उछलकर 34 रुपये के पार पहुंच गया और सुबह 10:30 बजे तक इसमें करीब 11% की बढ़त दर्ज हुई. Vedanta Oil and Gas का शेयर लगभग 7% चढ़ गया. Vedanta Iron and Steel का शेयर 5% के अपर सर्किट पर लॉक हो गया. वहीं, Vedanta Aluminium Metal में भी करीब 1% की तेजी रही.

बीते तीन महीनों के दौरान चारों शेयरों में करीब 14% से 19% तक की गिरावट आ चुकी थी. ऐसे में अचानक बढ़ी खरीदारी के कारण ये शेयर बाजार के रडार पर आ गए. Power में सामान्य दिनों के दौरान औसत वॉल्यूम करीब 1 करोड़ शेयर रहता बताया गया, लेकिन आज सुबह केवल एक घंटे में ही यह आंकड़ा 4 करोड़ के पार पहुंच गया. Oil & Gas और Iron & Steel में भी सुबह का वॉल्यूम उनके सामान्य दैनिक औसत के करीब पहुंच गया. वॉल्यूम का अर्थ है कि किसी निश्चित अवधि में कितने शेयरों की खरीद-बिक्री हुई.

एक साथ तेजी की क्या वजह

चारों कंपनियां जून 2026 में वेदांता के डीमर्जर यानी कारोबार को अलग-अलग कंपनियों में विभाजित करने के बाद शेयर बाजार में अलग-अलग लिस्ट हुई थीं. इनमें वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता एल्युमिनियम मेटल शामिल हैं. इसी वजह से इनके शेयरों पर समूह से जुड़ी खबरों के अलावा संबंधित कंपनी के कारोबार और कमोडिटी की कीमतों का भी प्रभाव पड़ता है. शेयरों में तेजी के पीछे हाल में जारी ऑपरेशनल अपडेट भी है. कंपनी ने अक्टूबर की शुरुआत में दूसरी तिमाही के उत्पादन और बिक्री के आंकड़े जारी किए थे. इन आंकड़ों में पावर, स्टील और एल्युमिनियम कारोबार का प्रदर्शन अच्छा रहा. इससे पता चला कि समूह के कई कारोबारों में उत्पादन और बिक्री में बढ़ोतरी हुई है.

1.Vedanta Power: बिक्री बढ़ने से निवेशकों का भरोसा मजबूत

वेदांता पावर ने जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान 5,593 मिलियन यूनिट बिजली बेची, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 26% अधिक थी. पहली छमाही में बिजली की बिक्री 32% बढ़कर 10,817 मिलियन यूनिट पर पहुंच गई. कंपनी के मुताबिक, Meenakshi Energy में उत्पादन बढ़ने और Jharsuguda Thermal Plant के प्रदर्शन में सुधार से बिक्री को मदद मिली. Jharsuguda प्लांट की उपलब्धता 43% से बढ़कर 98% हो गई. जब कोई प्लांट लंबे समय तक चालू रहता है, तो बिजली उत्पादन और बिक्री बढ़ाने की संभावना भी बेहतर होती है. बिजली बिक्री से जुड़े ये आंकड़े निवेशकों को यह संकेत दे सकते हैं कि कंपनी के परिचालन में सुधार हुआ है.

2. Vedanta Oil and Gas: शेयर में करीब 7% की तेजी


कंपनी का शेयर करीब 7% ऊपर गया, हालांकि इसके ताजा उत्पादन आंकड़े कमजोर रहे. दूसरी तिमाही में कंपनी का औसत दैनिक उत्पादन पिछले साल की तुलना में 19% कम होकर 72.2 हजार बैरल ऑयल इक्विवेलेंट प्रति दिन रह गया. आसान शब्दों में, कंपनी ने तेल और गैस के उत्पादन को एक ही माप में बदलकर जितना उत्पादन बताया, वह पिछले साल के मुकाबले कम था. ऐसे में शेयर की तेजी को उत्पादन में सुधार का नतीजा बताना उचित नहीं होगा. तीन महीने की गिरावट के बाद हुई खरीदारी भी इसकी एक वजह हो सकती है.

3. Vedanta Iron and Steel: स्टील की कीमतों और उत्पादन पर नजर

Vedanta Iron and Steel का शेयर 5% के अपर सर्किट तक पहुंच गया. अपर सर्किट का अर्थ है कि शेयर उस दिन के लिए निर्धारित अधिकतम बढ़त की सीमा तक पहुंच चुका है और इसके बाद उस सीमा से अधिक कीमत पर कारोबार नहीं कर सकता. कंपनी ने दूसरी तिमाही में बिक्री योग्य स्टील का उत्पादन 4% बढ़कर 5.32 लाख टन होने की जानकारी दी. हॉट मेटल के उत्पादन में भी 3% की बढ़ोतरी हुई. हालांकि, आयरन ओर यानी लौह अयस्क का उत्पादन 13% कम हुआ था. स्टील कारोबार में कीमतों का भी महत्वपूर्ण असर होता है. 14 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में स्टील की कीमतें करीब चार साल के उच्चतम स्तर पर थीं. Nomura ने स्टील की बेहतर कीमतों और कुछ कच्चे माल की लागत घटने को कंपनियों के मुनाफे के लिए सकारात्मक बताया. कीमतें ऊंची होने से स्टील उत्पादक कंपनी को प्रति टन अधिक कमाई करने का अवसर मिल सकता है, हालांकि वास्तविक फायदा उसकी लागत, बिक्री और उत्पादन पर निर्भर करता है.

4. Vedanta Aluminium Metal: उत्पादन में बढ़ोतरी, सप्लाई पर भी नजर

Vedanta Aluminium Metal के शेयर में अन्य तीन शेयरों की तुलना में कम तेजी रही. कंपनी ने दूसरी तिमाही में एल्युमिनियम का उत्पादन 5% बढ़कर 6.49 लाख टन और एल्युमिना का उत्पादन 37% बढ़कर 8.95 लाख टन होने की जानकारी दी. एल्युमिना वह कच्चा माल है जिसका इस्तेमाल एल्युमिनियम बनाने में किया जाता है. उत्पादन में वृद्धि कारोबार के लिहाज से सकारात्मक संकेत देती है. वैश्विक बाजार में एल्युमिनियम की सप्लाई की स्थिति पर भी नजर बनी हुई है. Reuters की 14 अक्टूबर की रिपोर्ट में खाड़ी क्षेत्र में उत्पादन क्षमता को हुए नुकसान और सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याओं का जिक्र किया गया है. हालांकि, चीन और इंडोनेशिया में उत्पादन बढ़ने से सप्लाई पर दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है. इस तरह एल्युमिनियम की कीमतों को लेकर स्थिति एकतरफा नहीं है.

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